Jaane Rudrabhishek Karne Ka Sahi Tarika-In Baato Ka Rakhe Dhyan

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Jaane Rudrabhishek Karne Ka Sahi Tarika-In Baato Ka Rakhe Dhyan
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Jaane Rudrabhishek Karne Ka Sahi Tarika-In Baato Ka Rakhe Dhyan

रुद्राभिषेक भगवान शिव की पूजा का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है जो भक्तों को विशेष रूप से सावन मास में भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। इस अनुष्ठान का उल्लेख विभिन्न पुराणों और शास्त्रों में मिलता है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। आइए जानते हैं रुद्राभिषेक करने का सही तरीका और इसके महत्व के बारे में।

रुद्राभिषेक का महत्व

रुद्राभिषेक का अनुष्ठान भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसे करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, और शांति का वास होता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जो जीवन में कष्टों का सामना कर रहे हैं या जिन्हें स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा, रुद्राभिषेक से गृह दोष, पितृ दोष, और अन्य नकारात्मक प्रभावों का भी निवारण होता है।

रुद्राभिषेक की तैयारी

रुद्राभिषेक करने के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण सामग्रियों की आवश्यकता होगी। इसमें शामिल हैं:

  • शिवलिंग

  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर)

  • गंगाजल

  • बेलपत्र

  • धतूरा, भांग, और आक के फूल

  • चंदन और कुमकुम

  • अक्षत (चावल)

  • धूप, दीप, और अगरबत्ती

  • मिठाई और फल

रुद्राभिषेक का सही तरीका

रुद्राभिषेक करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

1. पवित्रता और स्वच्छता

रुद्राभिषेक करने से पहले स्वयं को स्नान करके पवित्र करें। पूजा स्थल को भी स्वच्छ करें और वहां गंगाजल छिड़कें। स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना बहुत आवश्यक है ताकि पूजा में किसी भी प्रकार की विघ्न न आए।

2. शिवलिंग की स्थापना

शिवलिंग को पूजा स्थल पर स्थापित करें। यदि शिवलिंग पहले से स्थापित है, तो उसे भी स्वच्छ जल से धो लें। शिवलिंग को सही स्थान पर स्थापित करना और उसे स्वच्छ रखना अति महत्वपूर्ण है।

3. अभिषेक सामग्री की तैयारी

पंचामृत और गंगाजल को एक साथ मिलाकर एक पवित्र मिश्रण तैयार करें। इसके साथ ही बेलपत्र, फूल, और अन्य सामग्री को भी पास में रखें। पंचामृत की पवित्रता और इसके सही मिश्रण का ध्यान रखें।

4. रुद्राभिषेक का प्रारंभ

अब शिवलिंग पर धीरे-धीरे पंचामृत का अभिषेक करें। इस दौरान ओम् नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप के साथ अभिषेक करने से पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसके बाद गंगाजल से शिवलिंग को धो लें।

5. बेलपत्र और फूल अर्पित करें

शिवलिंग पर बेलपत्र और फूल अर्पित करें। ध्यान दें कि बेलपत्र की तीन पत्तियां होनी चाहिए और उन पर कोई कट या छेद नहीं होना चाहिए। बेलपत्र और फूल अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा मिलती है।

6. चंदन और कुमकुम का लेप

शिवलिंग पर चंदन और कुमकुम का लेप करें। इसे सौम्यता और श्रद्धा के साथ करें। चंदन का लेप शिवलिंग को ठंडक प्रदान करता है और कुमकुम का प्रयोग पूजा की पवित्रता को बढ़ाता है।

7. दीप और धूप का पूजन

दीपक और धूप जलाकर भगवान शिव की आरती करें। इस दौरान ओम् नमः शिवाय या महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें। दीप और धूप से पूजा स्थल की पवित्रता बढ़ती है और वातावरण शुद्ध होता है।

8. प्रसाद वितरण

पूजा समाप्त होने के बाद मिठाई और फल का प्रसाद अर्पित करें। इसे बाद में परिवार और भक्तों में वितरित करें। प्रसाद वितरण से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों को प्रसन्नता मिलती है।

रुद्राभिषेक के विशेष अवसर

रुद्राभिषेक का आयोजन सावन मास, शिवरात्रि, और प्रदोष व्रत के दिनों में विशेष रूप से किया जाता है। इन दिनों में भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन मास में सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व है।

रुद्राभिषेक के लाभ

रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि का वास होता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से स्वास्थ्य समस्याओं, गृह दोष, पितृ दोष, और अन्य नकारात्मक प्रभावों का निवारण करता है। इसके अलावा, रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है जो जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता और समृद्धि लाती है।

अनमोलयोगी पर रुद्राभिषेक की सुविधा

यदि आप रुद्राभिषेक के अनुष्ठान को सही और विधिपूर्वक करना चाहते हैं, तो आप अनमोलयोगी की विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। अनमोलयोगी पर आपको विभिन्न प्रकार के पूजा और अनुष्ठान कराने वाले अनुभवी पंडितों की सेवाएं मिलती हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं और हमारे विशेषज्ञ आपकी सहायता के लिए तत्पर रहेंगे। अनमोलयोगी के पंडित पूर्ण विधि-विधान और शास्त्रानुसार रुद्राभिषेक करते हैं, जिससे आपको पूर्ण लाभ प्राप्त होता है।

निष्कर्ष

रुद्राभिषेक भगवान शिव की पूजा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र अनुष्ठान है। इसे सही तरीके से करने से व्यक्ति को अनेक लाभ मिलते हैं। अनमोलयोगी की सेवाओं का लाभ उठाकर आप इसे और भी प्रभावी ढंग से कर सकते हैं। भगवान शिव की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।रुद्राभिषेक के अनुष्ठान को सही तरीके से करने और इसके महत्व को समझने के लिए इस ब्लॉग को पढ़ने के लिए धन्यवाद। उम्मीद है कि भगवान शिव की कृपा आपके जीवन को सुखमय और समृद्ध बनाएगी।

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